एक सुंदर शहर अलिबाग

      नमस्ते ! दोस्तो में आज आपको महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बसे हुए अलिबाग के बारे में बताने वाली हू।अलिबाग को मिनी गोआ भी कहते हे। यह रायगढ़ के पश्चीम दिशा में बसा खुबसुरतसा शहर हे। यह शहर हमेशासेही अपने खुबसुरतिसे लोगो को अपनी तरफ आकर्षित करते आ रहा हे। चलिये तो में अलिबाग के कुछ सुंदर दृष्यों के बारे मे जानकारी देती हु।

1.अलिबाग बिच :-


        अलिबाग का बिच लोगो को हमेशासेही अपने खुबसुरतीसे अपनी तरफ आकर्षित करता आ रहा है। यहा बच्चे और बढ़ो के दोनों के मनोरंजन के लिए घोड़ा गाड़ी, ऊंट और अनोखी राइड्स भी है। शाम के वक्त में बिच के खुबसुरती में और भी भर पड़ जाता हे। रेत पर धीरे-धीरे चलकर डुबते हुए सुरज को देखना और पानी के लेहरो की आहट सुनना इससे मन प्रफुल्लित हो जाता है। 

       अब तो इस बीच की खुबसूरती और भी दुगनी हो गई है। अब इस बिच के किनारे पर ३७ टन वजनी टिकेटी रंगाड़ा लाया गाया है। लोग इसे देखने दूर से आते है।



2.कुलाबा किला :-

         कुलाबा यह ऐतिहासिक किला अलिबाग बिच से समुन्द्र में सिर्फ १ कि.मी. कि दुरी पर है। समुन्द्र में पानी भरते वक्त हम यहा स्पीड बोट से जा सकते हैं। जब पानी उतरने लगता हे तो हम पेदल और घोड़ा गाड़ी से भी जा सकते है। यह किला सुबह ९ बजे खुलता है। शाम ५:३० बजे इस्के दरवाजे बंद हो जाते है। 

          किले के अंदर भव्य तालाब है। गणेश मंदिर है। मंदिर में गणेश, शिव, विष्णु, देवी, सुर्यदेव कि मुर्तीया है। मंदिर के परिसर में हनुमान जी और शिव जी का मंदिर है।


3.मेला :-

          दिवाली के खत्म होते ही अलिबाग में भगवान् विट्ठल जी के मंदिर के पास हर साल ५ दिनों का मेला लगाता था। अब कोविड़ की वजह से मेला बंद हो गया। मेले में बड़े झुले लगते थे। जहा बच्चे और बड़े अपना मनोरंजन करने आते थे। मेले में मौत का कुआ और कतपुट़लियो का नाच जेसे अनोखे खेल भी दिखाते थे। तरह-तरह के खाने पीने के स्टॉल भी लगाये जाते थे। कपड़े, मेकअप की चिजे, जुते जेसी और भी तरीके की दुकानें लगती थी। इस मेले में घुमने, भगवान विट्ठल के दर्शन करने और मनोरंजन करने लोग बहुत दुर-दुर से आते थे।



4.मचली बजार:-
    
       जिन लोगो को मचली पसंत हे वो यहा आकर खुशी से फूले नहीं समाऐगे।‌ मचली लाने के लिये नावे ५ से ६ दिन समुद्र में रहती है। कभी-कभी तो ८ दिन भी लग जाते है। जब नावे वापस आती है तो अपने साथ भर-भर कर मचली लाती है। यहा सारी वराइटी की मचली मिलती है। इस मचली को खरिदने लोग सुबह ५ या ५:३० बजे से आते है। यहाँ मछ्लीयोंका लिलाव होता है। लोग मछ्ली खरिदाने दूर-दूर से आते है।


      
      


एक सुंदर शहर अलिबाग

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